कवि जदुनाथ के वृतविलास ग्रन्थ में वर्णित करौली जादों राजवंश की वंशावली का ऐतिहासिक शोध कवि जदुनाथ का “वृतविलास ग्रन्थ “—

भरतपुर राज्य के बयाना नगर का प्राचीन नाम ‘श्रीपथापुरी’ वहाँ फे शिलालेखों में लिखा मिलता है । प्राचीन स्थानों तथा वस्तुओं का निरीक्षण करने के अतिरिक्त वहाँ के कई एक हस्तलिखित संस्कृत, प्राकृत औरहिन्दी के पुस्तक-संग्रहों का भी अध्ययन किया। बोहरा छाजूराम के संग्रह में कईहस्तलिखित हिन्दी पुस्तकें भी मिली जिनमें से वृतविलास और आनंदराम …

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चुडासमा यदुवंशी राजपूतों के ऐतिहासिक दुर्ग जूनागढ़ का अवलोकन —

दुर्गों के अवशेषों में जूनागढ़ (ऊपरकोट) दुर्ग काफी प्राचीन लगता है। जूनागढ़ दुर्ग गिरनार पहाड़ी पर है। गिरनार पहाड़ी गुजरात की सबसे ऊंची पहाड़ी है। यहां अशोक कालीन शिलालेख आज भी ज्यों के त्यों है। जूनागढ़ का शाब्दिक अर्थ ही पुराना किला है। जूनागढ़ के आज दो रूप है- एक खूबसूरत शहर और दूसरा प्राचीन …

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करौली जादों क्षत्रियों के देवगिरि दुर्ग का इतिहास—

करौली  जादों क्षत्रियों के  देवगिरी दुर्ग का इतिहास –  यह किला करणपुर कस्बे से पश्चिम दिशा में कल्याणपुरा के ऊपर चम्बल नदी के किनारे के टीलों के बीच एक पहाड़ी पर निर्मित है । यहाँ भयानक जंगल है । किला पूर्णरूप से  लगभाग खंडर हो चूका है , सिर्फ यहाँ कुछ राजप्रसादों के टूटे- फूटे …

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