Historical Research on zamindar clans of Kshatriya’s of Aligarh district include Hathras in 16 to 18th century with reference to Gahlots–

Historical Research on Zamindar Clans of Kshatriyas in Aligarh district including Hathras in 16 to 19 th century with reference to Gahlots —- An important effect of the Musalman invasion was the movement it induced among the Rajputs od western India.Displaced from their original homes they wandered eastwards in small bodies and different times ,and …

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मथुरा के पौराणिक यदुवंशी जादों क्षत्रिय

मथुरा के प्राचीन   पौराणिक यदुवंशी जादों क्षत्रिय  राजवंश का ऐतिहासिक अवलोकन —– श्री कृष्ण के पूर्व शूरसेन जनपद पर जिन राजवंशों ने शासन किया उनके सम्बन्ध में कुछ विवरण पौराणिक तथा अन्य साहित्य में मिलते हैं। सबसे प्राचीन सूर्यवंश मिलता है, जिसके प्रथम राजा-वैवस्वत मनु से इस वंश की परम्परा मानी गयी है। मनु के …

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MedIval History of yaduvansi s of Mathura,Bayana ,Tahan garh,and Karauli.

The medival history of  Jaduvansis of  Mathura , Bayana , Tahangarh  and Karauli —- Chandra vansa –— The Lunar race— The lineage or race which claims descent from the moon. It is divided into two great branches, the Yadavas and Pauravas, respectively , descended from Yadu and Puru. Krishna belonged to the line of Yadu, …

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यदुवंशी राजा कुंवरपाल द्वितीय एवं मुहम्मद गौरी के मध्य हुए तिमनगढ़ दुर्ग के युद्ध का एक ऐतिहासिक अवलोकन —

परमभट्टारक महाराजाधिराज परमेश्वर तिमनपाल(1093 ई0) के बाद धर्मपाल , कुँवरपाल प्रथम( 1112ई0) ,महाराजाधिराज अजयपाल(1150ई0) ,हरिपाल(1170ई0) तथा सहनपाल ( 1187ई0) के पश्चात कुंवरपाल द्वितीय तिमनगढ़ के शासक बने। डॉ० दशरथ शर्मा ने इनको कुँवरपाल (द्वितीय) बतलाया है। उधर फारसी इतिहासकार हसन निजामी के अनुसार 1196 ई० में तिमनगढ़ ( थनकीर )कुंवरपाल का शासन था। करौली की …

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दास्ताने जादों राजपूत रियासत कोटला का इतिहास–

दास्ताने कोटला जादों राजपूत रियासत –— नगर कोटला वसत है, मीन ताल के पास गद्दी राजा सोन की, यदुकुत करत प्रकाश नैक दूर सिरसा नदी, खेरो शांतुन भूप शांतेश्वर महादेव को दर्शन परम अनूप कोटल गांव को सन 1500 में कोटल खां नामक मेवाती ने बसाया था। बयाना के राजा विजयपाल के पुत्र सोनपाल थे …

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